Johannesburg में हार के बाद भी टीम इंडिया के पास है इतिहास रचने का मौका


Ind vs SA: जोहान्सबर्ग में खेले गए टेस्ट सीरीज (Test Series) के दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने टीम इंडिया (Team India) को 7 विकेट से हरा दिया है. दक्षिण अफ्रीका ने इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. सीरीज का आखिरी मुकाबला 11 जनवरी से केपटाउन में खेला जाएगा. टीम इंडिया भले ही जोहान्सबर्ग टेस्ट में जीत हासिल नहीं कर पाई, लेकिन उसके पास अब भी दक्षिण अफ्रीका में इतिहास रचने का मौका है.

भारतीय टीम केपटाउन टेस्ट में अगर जीत हासिल करती है तो वह सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लेगी और दक्षिण अफ्रीका में पहली टेस्ट सीरीज पर भी कब्जा कर लेगी. हालांकि केपटाउन में टीम इंडिया के रिकॉर्ड को देखें तो वह उसके पक्ष में नहीं है. भारतीय टीम यहां पर अब तक 5 टेस्ट मैच खेल चुकी है और उसे एक में भी जीत नहीं मिली है. उसे तीन मैचों में हार मिली और दो मैच ड्रॉ रहे हैं. टीम इंडिया आखिरी बार 2018 के दौरे में केपटाउन में खेली थी और उसे 72 रनों से शिकस्त मिली थी. हालांकि टीम इंडिया सीरीज का आखिरी टेस्ट जीतकर केपटाउन में अपने रिकॉर्ड को सुधारना चाहेगी. 

इस वजह से टीम इंडिया के पास है सीरीज जीतने का मौका

– शानदार गेंदबाजी आक्रमण- टीम इंडिया के गेंदबाजी आक्रमण ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज और उमेश यादव जैसे स्टार गेंदबाजों से सजा टीम इंडिया का ये पेस अटैक मैच में 20 विकेट लेने का माद्दा रखता है. इसके अलावा स्पिन का जिम्मा आर अश्विन संभालते हैं. 

विदेशी सरजमीं पर टीम इंडिया का हालिया प्रदर्शन

टीम इंडिया ने हाल में विदेशी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन किया है. उसने ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो टेस्ट सीरीज पर कब्जा किया है. इसके अलावा इंग्लैंड में 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में वह 2-1 से आगे है. विशेष रूप से ऋषभ पंत, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर जैसे युवा खिलाड़ियों के प्रभावशाली प्रदर्शन ने इन सभी ऐतिहासिक जीत में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

इस सीरीज में अब तक बुमराह, शमी, सिराज और शार्दुल ठाकुर को ही खेलने का मौका मिला है. इन चार गेंदबाजों ने दोनों टेस्ट मैचों में अच्छी गेंदबाजी की है. हालांकि दूसरे टेस्ट में सिराज की चोट से टीम इंडिया जरूर चिंतित होगी, लेकिन उसके पास ईशांत और उमेश जैसे गेंदबाज हैं जो उन्हें रिप्लेस कर सकते हैं.  

दक्षिण अफ्रीकी टीम की बैटिंग लाइनअप में अनुभव की कमी

यह संभवत: सबसे कमजोर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी लाइनअप है जिसका सामना भारतीय टीम कर रही है. डिकॉक पहले टेस्ट के बाद संन्यास ले चुके हैं, जिसके कारण दक्षिण अफ्रीकी की बल्लेबाजी और कमजोर हो गई है. टीम की बल्लेबाजी कप्तान डीन एल्गर के इर्द-गिर्द घूमती है. जोहान्सबर्ग टेस्ट में एल्गर ने ये साबित भी कर दिया.   

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